Mahamanav Mrityunjay

Mahamanav Mrityunjay

₹ 444 ₹500
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  • ISBN: 9789350488461
  • Author(s): Ravindra Kishor Sinha
  • Publisher: Prabhat Prakashan (General)
  • Product ID: 573498
  • Country of Origin: India
  • Availability: Sold Out
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About Product

वन की यात्रा वास्तव में कठिन है। एक व्यक्ति अपने कॅरियर के शिखर पर पहुँचने तक कई मील के पत्थर पार कर चुका होता है। रवीन्द्र किशोर सिन्हा के लिए जीवन ‘कर्म ही पूजा है’। नियति को आकार देने के लिए भगवान् सभी के लिए गुरु को भेजते हैं, लेकिन कुछ ही ऐसे भाग्यशाली होते हैं, जिन्हें सही रास्ता दिखाने के लिए गुरु का मार्गदर्शन मिलता है। यह पुस्तक ‘महामानव मृत्युञ्जय—मेरे गुरु’ गुरुदेव मृत्युञ्जय और उनके शिष्य रवीन्द्र किशोर सिन्हा के बीच के अद्वितीय संबंध तथा लेखक के पत्रकार से एक अरबपति बनने की यात्रा को बयान करती है। यह बताती है कि कैसे एक साधारण राजनीतिक कार्यकर्ता राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित हुआ। गुरुदेव एक उत्कृष्ट मानव थे, जिनके साथ कई चमत्कार जुड़े हुए थे। गुरुजी नहीं चाहते थे कि श्री सिन्हा उनकी यौगिक उपलब्धियाँ एवं तांत्रिक क्रियाओं की चर्चा, जो वे अपने जीवनकाल में करते रहे, इस पुस्तक में करें। इस दुनिया को छोड़ने के बाद ही गुरुदेव ने लेखक को अपने बारे में लिखने की अनुमति दी थी। अपने गुरुदेव के निर्देशों का पालन करते हुए लेखक ने सचित्र जीवनप्रगति की व्याख्या की है कि कैसे पृथ्वी पर कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है और यहाँ तक कि मौत का भी सामना करना पड़ता है। गुरुदेव के अनुसार लेखक अपने जीवनकाल में जो भी कार्य कर रहे हैं, वह नियति ने पहले से ही तय कर रखा था। जीवन के रहस्यों को खोलती हुई, सरल शब्दों में लिखी गई, समर्पण और नियति की घटनाएँ इस पुस्तक को बहुत ही रुचिपूर्ण बनाती हैं।.

Tags: Biography; Religious;

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